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Bihar Panchayat Raj Amendment Bill 2026: बिहार के गांवों में लागू होंगे नए नियम, विज्ञापन से बढ़ेगी पंचायतों की आय

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Alam Ki Khabar: बिहार सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास के लिए बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक-2026 लेकर आई है। नए कानून में गांवों में विज्ञापन शुल्क, भवन निर्माण और रियल एस्टेट के लिए नए प्रावधान किए गए हैं।

पटना, 22 जुलाई। आलम की खबर: बिहार के गांवों को आधुनिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार पंचायत राज (संशोधन) विधेयक-2026 के जरिए पंचायतों को आय का नया स्रोत देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण और रियल एस्टेट गतिविधियों के लिए भी नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की गई है। विधेयक विधानसभा में पेश कर दिया गया है और इसके पारित होने के बाद पूरे राज्य में नए नियम लागू होंगे।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार अब ग्राम पंचायत क्षेत्रों में लगाए जाने वाले होर्डिंग, बैनर और अन्य व्यावसायिक विज्ञापनों पर निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। पंचायत की सार्वजनिक भूमि, भवन या अन्य स्थानों पर विज्ञापन लगाने के लिए अनुमति आवश्यक होगी। इससे प्राप्त होने वाली पूरी राशि संबंधित ग्राम पंचायत के खाते में जमा होगी, जिससे स्थानीय विकास कार्यों के लिए पंचायतों को अतिरिक्त आर्थिक संसाधन मिलेंगे।

सरकार का मानना है कि अब पंचायतें केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर नहीं रहेंगी, बल्कि अपने स्तर पर भी राजस्व जुटाकर विकास योजनाओं को गति दे सकेंगी। इससे ग्रामीण निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

विधेयक में ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। अब गांवों में बहुमंजिला भवन, अपार्टमेंट और बड़े निर्माण कार्य शुरू करने से पहले अधिकृत प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। स्वीकृति के दौरान सड़क की चौड़ाई, पार्किंग, जल निकासी, सुरक्षा मानकों और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे पहलुओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रियल एस्टेट गतिविधियों को भी नियमन के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बड़े आवासीय प्रोजेक्टों को निर्धारित प्राधिकरण के पास पंजीकरण कराना होगा। साथ ही खरीदारों से प्राप्त धनराशि का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित खाते में रखना होगा ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके और खरीदारों के हित सुरक्षित रहें।

सरकार का दावा है कि इन प्रावधानों से अनियोजित कॉलोनियों के निर्माण, भूमि विवाद और खरीदारों के साथ होने वाली धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधेयक की प्रतियां सदस्यों के बीच वितरित की गई हैं। विधानसभा और विधान परिषद से पारित होने तथा राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद यह कानून प्रभावी हो जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो बिहार की पंचायतें विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने वाली सशक्त संस्थाओं के रूप में भी उभर सकती हैं।

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विशेष टिप्पणी

बदलते समय के साथ गांवों का विकास भी योजनाबद्ध होना जरूरी है। यदि पंचायतों को आय के नए स्रोत मिलते हैं और निर्माण कार्य स्पष्ट नियमों के तहत होते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि नए प्रावधानों को लागू करते समय यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा कि आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

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